Thursday, 1 October 2015

बिहार की सियायसत पर पार्टीयों का विजन डॉक्‍यूमेंट

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को अपना विजन डॉक्‍यूमेंट जारी किया. इसमें दक्षिण भारत के सियासी दलों के वादों की झलक दिखती है. खासकर गरीबों को साड़ी, टीवी जैसे लोकलुभावन वादे अन्‍नाद्रमुक और द्रमुक के चुनावी घोषणापत्र में होते थे, अब भाजपा के विजन डॉक्‍यूमेंट में शामिल है.
विजन डॉक्‍यूमेंट में छात्रों और युवाओं पर विशेष जोर दिया गया है. इसमें बिहार को कथित जंगलराज से मुक्त कराकर विकसित करने का वादा किया गया है. विजन डॉक्‍यूमेंट जारी करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि भाजपा के विजन डॉक्‍यूमेंट में बिहार को आर्थिक दृष्टि से पिछड़ेपन से निकालने का संकल्प है. इसमें महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण, प्रशासनिक सुधार और सुशासन पर बल दिया गया है.
विजन डॉक्‍यूमेंट में भाजपा ने युवा, महिलाओं और किसानों को मुख्य तौर पर ध्यान में रखा है. इसमें 'मेक इन बिहार' और 'डिजिटल बिहार' का नारा दिया गया है. साथ ही किसानों के लिए जहां अलग बजट बनाने की बात कही गई है, वहीं बिजली की स्थिति में सुधार का वादा करते हुए मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास किया गया है.

भाजपा ने विजन डॉक्‍यूमेंट में प्रत्येक साल 10वीं और 12वीं कक्षा की 5,000 छात्राओं को मेधा के आधार पर स्कूटी तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देने का वादा किया है. इसके अलावा दलित और महादलित परिवारों को रंगीन टीवी भी देने का वादा किया गया है.
विजन डॉक्‍यूमेंट में राज्य को पिछड़ेपन से मुक्ति दिलाकर आर्थिक रूप से संपन्न बनाने का वादा किया गया है तथा युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर मुहैया कराने, उच्च शिक्षा के साथ प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ अधिक अवसर मुहैया कराने के संकल्प लिए गए हैं.
भाजपा ने किसानों को आकर्षित करने के लिए विजन डॉक्‍यूमेंट में उन्हें ब्याज दर मुक्त कृषि ऋण देने, पानी-बिजली की समस्या दूर करते हुए बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सरल बनाने की बात कही है. साथ ही गरीबों को हर साल धोती और साड़ी देने का वादा किया गया है. राज्य में नए जिले, अनुमंडल और प्रखंड बनाने का वादा भी किया गया है.