Sunday, 10 May 2015

हैप्पी मदर्स डे, ममता का सागर मां ,

माँ जो कि दुनिया का सबसे छोटा शब्द है पर इसका ओहदा इतना बड़ा है कि माँ की तुलना भगवान से की जाती है। माँ जो हमें जन्म देती है और इतना काबिल बनाती है कि हम अपने पैरो पर खड़े हो सके। मुझे जब पहले मालूम नही था कि मदर्स डे भी मनाया जाता है तो मै हमेशा सोचती थी कि मम्मी लोगों के लिये कोई न कोई दिन होना चाहिये जिसे हम उनके नाम पर सेलिब्रेट कर सके पर जब पता चला तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैनें अपनी मम्मी को गिफ्ट दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। ये तो हुई पिछले साल की बात क्योंकि मुझे पिछले साल ही पता चला कि मदर्स डे मनाया जाता है इस साल भी मैं अपनी मम्मी को गिफ्ट दूंगी। आप भी अपनी मम्मी को सर्प्राइस गिफ्ट दीजियेगा और ये देखियेगा कि वो कितनी खुश हो जाती है। रिश्ता चाहे माँ-बेटे का हो या माँ-बेटी का होता तो एक ही है माँ सभी के लिये एक होती है।

जो दिल में बसे, परछाई बन जो रहे सदा ही इस दिल के पास ?
शायद भगवान नहीं है हर जगह इसलिए उसने माँ बनाई
ममता का सागर , परिवार की उम्मीद, जो दे सबको खुशिया..
सपने होते है हमारी आखो में, पर पूरा करती हैसपनोको माँ की दुआ.
जुनून , ज़ज़्बा है जिसके लिए तपस्या” .लेना नहीं देना ही है उसकी पहचान……
कोमल हथेली को पकड़ जो दिखाए सही रास्ता, रातो को जो वार दे लोरियोंमें……
शायद ऐसी ही होती है, माँ की छवि???
जो आती है मन को रास, राहों में जो बिखेर दे मोती ही मोती.
है भगवान की बनाई इस कृतिको सलाम .