Wednesday, 18 June 2014

इराक में फंसे भारतीय


इराक में चल रही लड़ाई जैसे-जैसे घमासान होती जा रही है, भारत में चिंताए भी बड़ती जा रही है। वही अर्थव्यवस्था पर भी इस युध्द की साफ झलग दिखाई पडने लगी है। यदि हम भारतीयों की बात करें तो युध्द-क्षेत्र से भारतीयों को निकालने का जो भारत का रिकार्ड भले ही अच्चा रहा हो, मगर इराक में जो हाल है, उसमें यह कठिन चुनौतीयों का समय है इस स्थिति में भारत को बहुत ही शान्ति से काम करने की जरूरत है ताकी भारतीयों की जान भी बच जाए और उन्हें कुछ हो भी न  
इराक में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच भारत ने खाड़ी देश के हिंसा प्रभावित इलाकों में अपने नागरिकों की सहायता के लिए इराक के अधिकारियों के साथ जमीनी सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया और उनके परिजनों को सूचना मुहैया कराने के लिए यहां नियंत्रण कक्ष की स्थापना की।
इराक में मौजूद भारतीयों के बारे में जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नंबर इस प्रकार हैं- बग़दाद- +964 770 484 3247, + 964 770 444 4899 भारत - +91 11 2301 2113, 2301 7905, 2301 4104 विदेशमंत्री सुषमा स्वराज से निर्देश मिलने के बाद आयोजित ‘संकट प्रबंधन बैठक’ में उस देश में फंसे भारतीयों को मुहैया कराए जाने वाले सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा कि सुषमा खुद ही नियमित रूप से स्थिति की ‘निगरानी एवं समीक्षा’ कर रही हैं।करीब 46 नर्स के अलावा करीब 40 भारतीय मोसुल में हैं।

आतंकवादी संगठनों ने इन दोनों शहरों पर कब्जा कर लिया है।

इससे पहले सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने इराक के राजदूत अहमद तहसीन अहमद बेरवारी से मुलाकात की और दोनों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिकों को सहयोग मुहैया कराने के लिए जमीनी स्तर पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

बगदाद में भारतीय मिशन इराक की सरकार और यूएन असिस्टेंट मिशन इन इराक के संपर्क में है ताकि हिंसा प्रभावित इलाकों में फंसे सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

गौरतलब है कि इराकी सरकार के खिलाफ जंग छेड़े सुन्नी चरमपंथियों ने तिरकित पर कब्जा कर रखा है।

विजय कुमार राय