Thursday, 7 November 2013

राज्य चुनावों को लेकर सट्टा बाजार में बीजेपी की हवा

सट्टा बाजार में बीजेपी की हवा है। नवंबर में दांव पर लगी रकम 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच सकती है। हालांकि, अगर किसी बड़े नेता का निधन होता है, तो सट्टा कैंसल माना जाएगा। दिल्ली और मुंबई के बुकीज ने यह जानकारी दी है। सट्टा बाजार में 'किसी बड़े नेता के निधन' वाला क्लॉज पहली बार डाला गया है। पटना में नरेंद्र मोदी की रैली से पहले हुए बम धमाकों के बाद सट्टे के लिए यह शर्त जोड़ी गई है।
बुकीज को डर है कि दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में हिंसा हो सकती है। सट्टा सिंडिकेट के दिल्ली के मेंबर ने बताया, 'अगर चुनाव के दौरान हिंसा या बम धमाकों में किसी बड़े नेता की मौत होती है, तो सभी सट्टे खत्म माने जाएंगे।' बुकीज का यह भी मानना है कि चारों राज्यों में बीजेपी का परफॉर्मेंस अच्छा रहेगा। दिल्ली के एक सूत्र ने बताया, 'मोदी को सपोर्ट करने वालों की संख्या बढ़ रही है। इस वजह से चारों राज्यों में बीजेपी की जीत होगी।'...
बुकीज का मानना है कि राजस्थान में बीजेपी आसानी से कांग्रेस को हरा देगी। राज्य में 230 विधानसभा सीटें हैं। सट्टा बाजार में बीजेपी के इनमें से 101 सीटें जीतने पर 1 रुपए पर 14 पैसे अधिक देने का वादा किया जा रहा है। अगर कांग्रेस राज्य में 60 सीटें भी जीत पाती हैं, तो बुकी 1 रुपए पर 26 पैसे ज्यादा देने को तैयार हैं।
कांग्रेस के 75 से ज्यादा सीटें जीतने पर 2.8 रुपये का भाव है। कांग्रेस के पास अभी 96 सीटें हैं। दिल्ली की 70 सीटों में से बीजेपी के 28 सीटें जीतने पर बुकीज 24 पैसे ज्यादा देने को तैयार हैं। जो लोग इस पर दांव लगा रहे हैं, उन्हें पार्टी के 28 से कम सीटें जीतने पर रकम गंवानी होगी। 2008 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को दिल्ली में 23 सीटों पर जीत मिली थी।
बुकीज का कहना है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में 8 से ज्यादा सीटें नहीं जीतेगी, लेकिन वह बड़ी पार्टियों का खेल बिगाड़ सकती है। पहले सीएम कैंडिडेट पर अलगसे सट्टा लगता था। हालांकि, इस बार इस तरह का सट्टा नहीं लग रहा है। बुकीज का कहना है कि इस बार एकदम साफ नहीं है कि इन राज्यों में कौन सीएम बनेगा? मध्य प्रदेश में भी बीजेपी के सत्ता में फिर से आने के चांस हैं। राज्य में 230 विधानसभा सीटें हैं। बुकीज कांग्रेस के राज्य में 70 या इससे ज्यादा सीटें जीतने पर 1.10 रुपये का भाव देने को तैयार हैं।