Friday, 27 September 2013

दर्द भरी कहानी

एक लड़की है। जिसको मै बहुत चाहता है लेकिन उसे इस बात का पता भी नही है। बात-बात में वह मुझसे गुस्सा होती है लेकिन चाह के भी मै उसे कुछ नही कह पाता, शायद मै उससे बहुत तंग नही देखना चाहता हू वह जैसे है अच्छी है लेकिन मै उससे कुछ कह नही पाता हू रातों का नीद दिन का चैन सब कुछ वही है यदि मै उसे देखता नही हू तो मेरा दिन खराब हो जाता है,भले वह मुझसे कम बात करती है लेकिन जब वह खुश होती है तो उससे ज्यादा खुशी मुझे होती है। मै उसका हर तरह से सहायता करना चाहता हू लेकिन वह यह कह कर चली जाती है कि मै लड़कों से सहायता नहीं लेती-क्या यह प्यार है या नही.....है तो कैसा प्यार है.... क्या इस प्यार का पाना मुश्किल है